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छितिज भाग -2 जयशंकर प्रसाद प्रश्न 1: कवि आत्मकथा लिखने सेक्यों बचना चाहता है? उत्तर:   आत्मकथा लिखने के लिए अपने मन कि दुर्बलताओं, कमियों का उल्लेख करना पड़ता है। कवि स्वयं को इतना सामान्य मानता है कि आत्मकथा लिखकर वह खुद को विशेष नहीं बनाना चाहता है, कवि अपने व्यक्तिगत अनुभवों को दुनिया के समक्ष व्यक्त नहीं करना चाहता। क्योंकि वह अपने व्यक्तिगत जीवन को उपहास का कारण नहीं बनाना चाहता। इन्हीं कारणों से कवि आत्मकथा लिखने से बचना चाहता है। प्रश्न 2: आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में ‘अभी समय भी नहीं’ कवि ऐसा क्यों कहता है? उत्तर:  कवि…

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छितिज भाग -2 देव प्रश्न 1: कवि ने ‘श्रीबज्रदूलह’ किसके लिए प्रयुक्त किया है और उन्हें ससांर रूपी मंदिर दीपक क्यों कहा है? उत्तर:  देव जी ने ‘श्रीबज्रदूलह’ श्री कृष्ण भगवान के लिए प्रयुक्त किया है। देव जी के अनुसार श्री कृष्ण उस प्रकाशमान दीपक की भाँति हैं जो अपने उजाले से संसार रुपी मंदिर का अंधकार दूर कर देते हैं। अर्थात् उनकी सौंदर्य की अनुपम छटा सारे संसार को मोहित कर देती है। प्रश्न 2:पहले सवैये में से उन पंक्तियों को छाँटकर लिखिए जिनमें अनुप्रास और रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है? उत्तर: (1) अनुप्रास अलंकार (i) कटि किंकिनि…

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छितिज भाग -2 तुलसीदास प्रश्न 1 :परशुराम के क्रोध करनेपर लक्ष्मण ने धनुष केटूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए? उत्तर: परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने पर निम्नलिखित तर्क दिए – (1) हमें तो यह असाधारण शिव धुनष साधारण धनुष की भाँति लगा। (2) श्री राम को तो ये धनुष, नए धनुष के समान लगा। (3) श्री राम ने इसे तोड़ा नहीं बस उनके छूते ही धनुष स्वत: टूट गया। (4) इस धनुष को तोड़ते हुए उन्होंने किसी लाभ व हानि के विषय में नहीं सोचा था। (5) उन्होंने ऐसे अनेक धनुषों को…

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छितिज भाग -2 सूरदास प्रश्न 1:गोपियों द्वारा उद्धव को भाग्यवान कहने में क्या व्यंग्य निहित  है । उत्तर:  गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान कहते हुए व्यंग्य कसती है कि श्री कृष्ण के सानिध्य में रहते हुए भी वे श्री कृष्ण के प्रेम से सर्वथा मुक्त रहे। वे कैसे श्री कृष्ण के स्नेह व प्रेम के बंधन में अभी तक नहीं बंधे?, श्री कृष्ण के प्रति कैसे उनके हृदय में अनुराग उत्पन्न नहीं हुआ? अर्थात् श्री कृष्ण के साथ कोई व्यक्ति एक क्षण भी व्यतीत कर ले तो वह कृष्णमय हो जाता है। परन्तु ये उद्धव तो उनसे तनिक भी प्रभावित नहीं है…

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वितान भाग -1  आलो आँधारि  (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1: पाठ के किन अंशों से समाज की यह सच्चाई उजागर होती है कि पुरुष के बिना स्त्री का कोई अस्तित्व नहीं है। क्या वर्तमान समय में स्त्रियों की इस सामाजिक स्थिति में कोई परिवर्तन आया है? तर्क सहित उत्तर दीजिए। उत्तर :  पाठ के निम्नलिखित अंशों से समाज की यह सच्चाई उजागर होती है कि पुरुष के बिना स्त्री का कोई अस्तित्व नहीं है- (क) बेबी जब स्वयं के लिए काम का इंतज़ाम करने जाती है। उस समय लोगों द्वारा उसके अकेले…

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वितान भाग -1 राजस्थान की रजत बूँदें (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1:राजस्थान में कुंई किसे कहते हैं? इसकी गहराई और व्यास तथा सामान्य कुओं की गहराई और व्यास में क्या अंतर होता है? उत्तर :  छोटा कुआँ कुंई कहलाता है। इसे हम कुएँ का स्त्रीलिंग कह सकते हैं। इसकी गहराई और व्यास में अंतर होता है। कुएँ सौ-दो सौ हाथ तक खोदे जाते हैं जबकि कुंई को 60-65 हाथ नीचे तक खोदा जाता है। कुएँ का व्यास बहुत अधिक होता है। इसके विपरीत कुंईयों का व्यास बहुत ही कम होता है। इसके…

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वितान भाग -1 भारतीय गायिकाओं मैं बेजोड़ : लता मंगेशकर (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1: लेखक ने पाठ में गानपन का उल्लेख किया है। पाठ के संदर्भ में स्पष्ट करते हुए बताएँ कि आपके विचार में इसे प्राप्त करने के लिए किस प्रकार के अभ्यास की आवश्यकता है? उत्तर :   गानपन का अर्थ गाने का वह तरीका है, जिसे सुनकर लोग आनंदित हो जाए। इस प्रकार के गानपन को पाने के लिए हमें योग्य गुरु की क्षरण में जाना पड़ेगा। विधिवत संगीत की शिक्षा लेनी पड़ेगी तथा कड़ा अभ्यास करना पड़ेगा।…

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अंतराल भाग -1 आवारा मसीहा (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1:”उस समय वह सोच भी नहीं सकता था कि मनुष्य को दुख पहुँचाने के अलावा भी साहित्य का कोई उद्देश्य हो सकता है।” लेखक ने ऐसा क्यों कहा? आपके विचार से साहित्य के कौन-कौन से उद्देश्य हो सकते हैं? उत्तर :  शरतचंद्र के बचपन में उन्हें साहित्य दुखदायी लगता था। विद्यालय में उन्हें सीता-वनवास, चारू-पाठ, सद्भाव-सद्गुण तथा प्रकांड व्याकरण जैसी साहित्यिक रचनाएँ पढ़नी पड़ती थी। शरतचंद्र को ये अच्छी नहीं लगती थीं। पंडित जी द्वारा रोज़ परीक्षा लिए जाने पर उन्हें मार भी…

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अंतराल भाग -1 हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी बड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1:लेखक ने अपने पाँच मित्रों के जो शब्द-चित्र प्रस्तुत किए हैं, उनसे उनके अलग-अलग व्यक्तित्व की झलक मिलती है। फिर भी वे घनिष्ठ मित्र हैं, कैसे? उत्तर :  लेखक की अपने सभी पाँच मित्रों से मित्रता बोर्डिंग में रहते हुए हुई थी। इन दो वर्षों में उनके मध्य इतनी घनिष्ठता हो गई कि जीवन भर वे साथ रहे। वे सभी हँसमुख थे। उनके इस स्वभाव के कारण वे सभी जीवनभर साथ रहें। अरशद के चेहरे में…

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अंतराल भाग -1 अंडे के छिलके (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्तियों में दीजिए ) प्रश्न 1:”पराया घर तो लगता ही है, भाभी” अपनी भाभी-भाई के कमरे में श्याम को पराएपन का अहसास क्यों होता है? उत्तर :  श्याम सदैव से ही लापरवाह रहा है। उसके भाई गोपाल भी उसके समान ही लापरवाह थे। शादी से पहले वह भी श्याम के समान ही कमरे को गंदा तथा अव्यवस्थित रखते थे। शादी के बाद उनकी पत्नी वीना द्वारा कमरे को व्यवस्थित किया जाने लगा। गोपाल का कमरा अब वैसी स्थिति में नहीं है। वह साफ और व्यवस्थित हो गया…

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