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छितिज भाग -2 मन्नू भंडारी प्रश्न 1:लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा? उत्तर: लेखिका के व्यक्तित्व पर दो व्यक्तियों का प्रभाव विशेष रूप से देखा जा सकता है। प्रथम उनके पिता तथा द्वितीय उनकी हिंदी अध्यापिका शीला अग्रवाल। लेखिका के पिताजी के कभी अच्छे कभी बुरे व्यवहार ने ुके जीवन को बहुत हद तक प्रभावित किया। उनके पिता रंग के कारण उनकी उपेक्षा करते थे। इसका परिणाम यह हुआ कि लेखिका के मन में आत्मविश्वास की कमी हो गई। भविष्य में अपनी सफलता पर लेखिका को कभी भरोसा नहीं हुआ। पिता द्वारा लोगों पर…

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छितिज भाग -2 सर्वेश्वर दयाल सक्सेना प्रश्न 1:फ़ादर  की  उपस्थिति  देवदार  की  छाया  जैसी  क्यों  लगती  थी? उत्तर: देवदार  का वृक्ष आकार  में लंबा-चौड़ा होता है तथा  छायादार भी होता है। फ़ादर बुल्के  का व्यक्तित्व  भी कुछ ऐसा ही  है। जीस प्रकार देवदार का वृक्ष  वृहदाकार होने  के कारण लोगों को छाया देकर  शीतलता प्रदान  करता है। ठीक  उसी प्रकार फ़ादर बुल्के भी अपने शरण में आए लोगों को आश्रय देते थे। तथा दु:ख के समय में सांत्वना के वचनों द्वारा उनको शीतलता  प्रदान करते  थे। प्रश्न 2:  फ़ादर  बुल्के  भारतीय  संस्कृति  के  एक  अभिन्न  अंग  हैं,  किस  आधार  पर…

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छितिज भाग -2 यशपाल प्रश्न 1: लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं? उत्तर:   लेखक के अचानक डिब्बे में कूद पड़ने से नवाब-साहब की आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न पड़ जाने का असंतोष दिखाई दिया तथा लेखक के प्रति नवाब साहब ने संगति के लिए कोई विशेष उत्साह नहीं दिखाया। इससे लेखक को स्वयं के प्रति नवाब साहब की उदासीनता का आभास हुआ। प्रश्न 2: नवाब  साहब   ने  बहुत   ही  यत्न  से  खीरा  काटा,  नमक-मिर्च  बुरका,  अंतत: सूँघकर  ही  खिड़की  से…

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छितिज भाग -2 रामवृक्ष बेनीपुरी प्रश्न 1: खेतीबारी से  जुड़े  गृहस्थ  बालगोबिन  भगत  अपनी  किन  चारित्रिक  विशेषताओं  के  कारण  साधु  कहलाते  थे? उत्तर:  बालगोबिन भगत एक गृहस्थ थे परन्तु उनमें साधु कहलाने वाले गुण भी थे – (1) कबीर के आर्दशों पर चलते थे, उन्हीं के गीत गाते थे। (2) कभी झूठ नहीं बोलते थे, खरा व्यवहार रखते थे। (3) किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से झगड़ा करते थे। (4) किसी की चीज़ नहीं छूते थे न ही बिना पूछे व्यवहार में लाते थे। (5) कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर…

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छितिज भाग -2 स्वयं प्रकाश प्रश्न 1: सेनानी न  होते  हुए  भी  चश्मेवाले  को  लोग कैप्टन  क्यों  कहते  थे? उत्तर: चश्मेवाला  एक देशभक्त  नागरिक था। उसके  हृदय में देश  के वीर जवानों  के प्रति सम्मान  था। इसलिए लोग उसे कैप्टन कहते थे। प्रश्न 2:  हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा – (क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे? (ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है? (ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे? उत्तर: (क) कैप्टन एक…

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छितिज भाग -2 मंगलेश डबराल प्रश्न 1: संगतकार  के  माध्यम  से  कवि  किस  प्रकार  के  व्यक्तियों  की  ओर संकेत  करना  चाह  रहा  है? उत्तर:  संगतकार के माध्यम से कवि उस वर्ग की ओर संकेत करना चाहता है जिसके सहयोग के बिना कोई भी व्यक्ति ऊँचाई के शिखर को प्राप्त नहीं कर सकता है। जैसे संगतकार मुख्य गायक के साथ मिलकर उसके सुरों में अपने सुरों को मिलाकर उसके गायन में नई जान फूँकता है और उसका सारा श्रेय मुख्य गायक को ही प्राप्त होता है। इसी तरह एक आर्किटेक्ट एक भवन का नक्शा बनता है, परन्तु भवन निर्माण में उसके…

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छितिज भाग -2 ऋतुराज प्रश्न 1: आपके  विचार से  माँ  ने  ऐसा  क्यों  कहा  कि  लड़की होना  पर  लड़की  जैसी  मत  दिखाई  देना? उत्तर:  इन पंक्तियों में लड़की की कोमलता तथा कमज़ोरी को स्पष्ट किया गया है। लड़की की कोमलता को उसका सबसे बड़ा गुण माना जाता है, परन्तु लड़की की माँ उसे लड़की जैसा दिखने अर्थात् अपनी कमज़ोरी को प्रकट करने से सावधान करती है क्योंकि कमज़ोर लड़कियों का शोषण किया जाता है। प्रश्न 2  ‘आग रोटियाँ सेंकने केलिए है।जलने के  लिए नहीं’ (क)इन पंक्तियों में समाज में स्त्री की किस स्थिति की ओर संकेत किया गया  है? ख)…

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छितिज भाग -2 गिरिजा कुमार माथुर प्रश्न 1: कवि  ने  कठिन  यथार्थ  के  पूजन  की   बात  क्यों कही  है? उत्तर:  यथार्थ मनुष्य जीवन के संघर्षों का कड़वा सच है। हम यदि जीवन की कठिनाइयों व दु:खों का सामना न कर उनको अनदेखा करने का प्रयास करेंगे तो हम स्वयं किसी मंजिल को प्राप्त नहीं कर सकते। बीते पलों की स्मृतियों को अपने से चिपकाके रखना और अपने वर्तमान से अंजान हो जाना मनुष्य के लिए मात्र समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं है। अपने जीवन में घट रहे कड़वे अनुभवों व मुश्किलों से दृढ़तापूर्वक लड़ना ही मनुष्य…

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छितिज भाग -2 नागार्जुन प्रश्न 1: बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर:   बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर अत्यंत गहरा प्रभाव पड़ता है। कवि को बच्चे की मुसकान बहुत मनमोहक लगती है जो मृत शरीर में भी प्राण डाल देती है। प्रश्न 2: बच्चे की मुसकान और  एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है? उत्तर:  बच्चे तथा बड़े व्यक्ति की मुसकान में निम्नलिखित अंतर होते हैं – (1) बच्चे मुस्कुराते समय किसी खास मौके की प्रतीक्षा नहीं करते हैं जबकि बड़ों के मुसकुराने की खास वजह…

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छितिज भाग -2 सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ प्रश्न 1:कवि  बादल  से  फुहार,  रिमझिम  या  बरसने  के  स्थान  पर  ‘गरजने’  के  लिए  कहता  है, क्यों? उत्तर:  कवि ने बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के लिए नहीं कहता बल्कि ‘गरजने’ के लिए कहा है; क्योंकि ‘गरजना’ विद्रोह का प्रतीक है। कवि ने बादल के गरजने के माध्यम से कविता में नूतन विद्रोह का आह्वान किया है। प्रश्न 2: कविता का शीर्षक उत्साह क्यों रखा गया है? उत्तर:  यह एक आह्वान गीत है। कवि क्रांति लाने के लिए लोगों को उत्साहित करना चाहते हैं। बादल का गरजना लोगों के मन में उत्साह भर…

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